Amazon ने घोषणा की है कि वह नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर शहर और राज्य के अधिकारियों के साथ बातचीत में अब गोपनीयता समझौतों (NDA) की मांग नहीं करेगा। यह कदम 2026 की शुरुआत में Microsoft की ओर से किए गए नीतिगत बदलाव जैसा है। Amazon का कहना है कि इस बदलाव का मकसद सौदे की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और AI से जुड़े बुनियादी ढांचे को लेकर समुदायों की नाराज़गी का जवाब देना है।
यह बदलाव क्यों अहम है
स्थानीय समूहों ने डेटा सेंटर के सौदों को गोपनीय तरीके से किए जाने का विरोध किया है। उन्हें चिंता है कि AI हार्डवेयर सार्वजनिक निगरानी के बिना बनाया जा सकता है। NDA हटाकर Amazon को उम्मीद है कि निवासियों को यह बेहतर ढंग से पता चल सकेगा कि AI सर्वर कहां और किस तरह लगाए जा रहे हैं। कंपनी ने यह नहीं बताया है कि नई नीति से प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा या लागत पर क्या असर पड़ेगा।
उद्योग की प्रतिक्रिया
इस घोषणा पर TechCrunch के Equity पॉडकास्ट में चर्चा हुई। वहां मेजबानों ने कहा कि व्यक्तिगत AI स्टार्टअप्स के लिए भरोसा सबसे मूल्यवान संपत्ति बन सकता है, क्योंकि उन्हें उपयोगकर्ताओं के डेटा तक व्यापक पहुंच चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूयॉर्क से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक के शहरों में AI बुनियादी ढांचे पर सैकड़ों रोक लगाने के प्रस्ताव आए हैं या ऐसी रोक लागू की गई है। इससे पता चलता है कि बड़ी टेक कंपनियों पर अधिक पारदर्शी होने का दबाव है।
यह क्यों मायने रखता है
निवासियों को इस नई नीति से अपने इलाकों में AI सर्वर कहां बनाए जा रहे हैं, इसकी अधिक सार्वजनिक जानकारी मिल सकती है। इससे दूसरी टेक कंपनियों के लिए भी अधिक खुले तौर पर बातचीत करने की मिसाल कायम हो सकती है, हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि नए नियमों के तहत प्रोजेक्ट्स कितनी तेजी से आगे बढ़ेंगे।