# DeepMind के पेपर में ‘कृत्रिम सहजीवी बुद्धिमत्ता’ का प्रस्ताव

> शोधकर्ताओं का सुझाव है कि AI और इंसानों को एक अकेली महाबुद्धिमत्ता के बजाय आपस में तालमेल वाले तंत्र के रूप में काम करना चाहिए।

Oossa · 2026-10-03 · https://oossa.com/hi/deepmind-paper-proposes-artificial-symbiotic-intelligence

DeepMind के शोधकर्ताओं ने एक निबंध प्रकाशित किया है, जिसमें “Artificial Symbiotic Intelligence” यानी कृत्रिम सहजीवी बुद्धिमत्ता का प्रस्ताव है। इसमें इंसान और AI एजेंट एक साथ काम करते हैं और एक-दूसरे को आकार देते हैं। पेपर का तर्क है कि यह तरीका एक अकेली, खुद को बेहतर बनाने वाली महाबुद्धिमत्ता (“सिंगुलैरिटी”) की धारणा की जगह लेता है। यह पहले प्रकाशित प्रीप्रिंट पर आधारित है, जो दिखाते हैं कि रीजनिंग मॉडल अपने दम पर कई नज़रियों वाली बहस कर सकते हैं। पेपर का सुझाव है कि भविष्य के टूल नेटवर्क जैसे इंटरफेस के ज़रिए उपयोगकर्ताओं को एजेंटों के समूह संभालने देंगे।

## तथ्य

- प्रकाशित: 3 अक्टूबर 2026 – “Sat Oct 03 2026 12:21:23 GMT+0200”
- लेखकों में James Evans, Blaise Agüera y Arcas और अन्य शामिल हैं

## यह क्यों मायने रखता है

अगर इस सोच को अपनाया जाता है, तो डेवलपरों और नियामकों को सिर्फ़ एक सिस्टम को नियंत्रित करने के बजाय कई AI एजेंटों के बीच तालमेल के लिए नए संस्थान और इंटरफेस बनाने होंगे।

## स्रोत और संदर्भ

1. [Deepmind researchers propose "Artificial Symbiotic Intelligence" as an alternative to the singularity](https://the-decoder.com/deepmind-researchers-propose-artificial-symbiotic-intelligence-as-an-alternative-to-the-singularity/) – The Decoder, 2026-10-03

अंतिम अपडेट: 2026-10-03
