Meta ने नया ओपन-सोर्स मॉडल पेश किया है और Apple इसे निजी डिवाइसों पर चलाने के प्रयास में शामिल हो रहा है। दोनों कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी से डेवलपर और एडवांस्ड यूज़र मॉडल को अपने Mac और iPhone पर इंस्टॉल कर सकेंगे, और डेटा क्लाउड पर भेजने की ज़रूरत नहीं होगी। यह घोषणा 20 अक्टूबर, 2026 को Stratechery की एक पोस्ट में की गई।
इस साझेदारी का क्या मतलब है
मॉडल को डिवाइस पर चलाने का मतलब है कि आपके प्रॉम्प्ट और जवाब उसी डिवाइस पर रहेंगे। Apple ज़रूरी सॉफ़्टवेयर इंटरफ़ेस और हार्डवेयर एक्सेलेरेशन उपलब्ध कराएगा, ताकि उसके सिलिकॉन चिप पर मॉडल उचित रफ़्तार से चल सके। Meta का कहना है कि मॉडल पूरी तरह ओपन-सोर्स है, इसलिए कोई भी इसका कोड देख सकता है, उसमें बदलाव कर सकता है या उसे अपने ऐप्लिकेशन में शामिल कर सकता है।
सीमाएं और अगले कदम
पोस्ट में Apple के लिए तैयार संस्करण की परफ़ॉर्मेंस, कीमत या रिलीज़ की समय-सीमा के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। Meta और Apple ने यह भी नहीं बताया है कि पहले किन डिवाइसों को सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कोई स्वतंत्र बेंचमार्क भी जारी नहीं किया है। ज़्यादा जानकारी आने तक यूज़र्स को Apple के सॉफ़्टवेयर अपडेट और Meta की रिपॉज़िटरी से मॉडल डाउनलोड होने का इंतज़ार करना होगा।
यह क्यों मायने रखता है
अगर यह साझेदारी सफल होती है, तो आम यूज़र क्लाउड सेवाओं पर निर्भर हुए बिना अपने फ़ोन या लैपटॉप पर सक्षम AI मॉडल चला सकेंगे। इससे निजता बनी रह सकती है और जवाब मिलने में देरी कम हो सकती है। हालांकि, जब तक Apple ज़रूरी सॉफ़्टवेयर जारी नहीं करता और Meta मॉडल प्रकाशित नहीं करता, यह साफ़ नहीं है कि तकनीक असल में कितनी तेज़ चलेगी या कितने डिवाइसों पर उपलब्ध होगी।