OpenAI निवेशकों से IPO से पहले के फंडिंग दौर में कम से कम $30 अरब जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। Bloomberg के मुताबिक, इस दौर में AI स्टार्टअप का मूल्यांकन करीब $1.4 ट्रिलियन हो सकता है। यह रकम कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने तक सहारा देगी। CEO Sam Altman कह चुके हैं कि कंपनी 2026 में IPO नहीं करेगी, क्योंकि वह सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहती है।
यह फंड जुटाने की कवायद ऐसे समय हो रही है, जब OpenAI का रेवेन्यू रन-रेट जुलाई से 70% बढ़कर अगस्त में $40 अरब पहुंच गया। इस उछाल की वजह कोड जनरेट करने वाले टूल जैसे अधिक मूल्यवान उत्पादों पर नए सिरे से दिया गया जोर है। OpenAI ने इससे पहले मार्च में निजी तौर पर पूंजी जुटाई थी, जब उसे $852 अरब के मूल्यांकन पर $122 अरब मिले थे। उस दौर को IPO से पहले निजी पूंजी जुटाने का आखिरी मौका माना गया था।
यह क्यों अहम है
अगर यह फंडिंग दौर पूरा होता है, तो OpenAI के पास अपने मॉडल विकसित और बेहतर बनाने के लिए अधिक नकदी होगी। इससे ChatGPT और दूसरे टूल इस्तेमाल करने वालों को नए फीचर और बेहतर प्रदर्शन मिल सकते हैं। IPO टालने का फैसला यह भी दिखाता है कि कंपनी जल्दबाजी में बाजार में उतरने के बजाय सोच-समझकर विकास को प्राथमिकता दे रही है। इससे आम निवेशक कंपनी के शेयर कब खरीद पाएंगे, यह प्रभावित हो सकता है।
यह क्यों मायने रखता है
अधिक पूंजी से OpenAI अपनी AI सेवाओं को बेहतर बना सकेगी, जिससे रोजमर्रा के यूजर्स को तेज और अधिक सक्षम टूल मिल सकते हैं। IPO टलने का मतलब है कि निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए ज्यादा इंतजार करना होगा, लेकिन यह भी दिखाता है कि कंपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।