# सॉफ्टवेयर में बदलाव से AI डेटा सेंटरों की बिजली की मांग घट सकती है

> 2030 तक AI को आज जापान जितनी बिजली की जरूरत हो सकती है, लेकिन बेहतर सॉफ्टवेयर यह मांग घटा सकता है।

Oossa · 2026-10-08 · https://oossa.com/hi/researchers-say-software-tweaks-could-ease-ai-data-center-power-crunch

एक अध्ययन के मुताबिक, AI वर्कलोड के चलते 2030 तक डेटा सेंटरों की बिजली खपत बढ़कर 945 TWh हो सकती है—करीब उतनी, जितनी जापान अभी इस्तेमाल करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऑपरेटरों को सिर्फ ज्यादा कुशल GPU बनाने पर ध्यान देने के बजाय सर्वरों पर चल रहे सॉफ्टवेयर पर भी गौर करना चाहिए। डेटा सेंटर की करीब 60 % बिजली सर्वर इस्तेमाल करते हैं, इसलिए गैर-जरूरी कंप्यूटिंग घटाने से काफी ऊर्जा बच सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में औसत पावर यूसेज इफेक्टिवनेस में मुश्किल से ही सुधार हुआ है, जिससे पता चलता है कि सिर्फ हार्डवेयर में सुधार काफी नहीं है।

## तथ्य

- 2030 तक AI डेटा सेंटरों के लिए 945 TWh बिजली की खपत का अनुमान
- आधुनिक डेटा सेंटर की बिजली खपत में सर्वरों की हिस्सेदारी ~60 % है

## यह क्यों मायने रखता है

अगर हाइपरस्केल ऑपरेटर सॉफ्टवेयर की दक्षता बढ़ाते हैं, तो वे बिजली के बिल घटा सकते हैं और पहले से दबाव में चल रहे बिजली ग्रिड पर बोझ कम कर सकते हैं।

## स्रोत और संदर्भ

1. [Software could be the easiest fix for hyperscalers' AI power squeeze, researchers say](https://www.tomshardware.com/tech-industry/data-centers/software-could-be-the-easiest-fix-for-hyperscalers-ai-power-squeeze-researchers-say-data-center-demand-is-expected-to-rival-japans-electricity-usage-by-2030) – Tom's Hardware, 2026-10-08

अंतिम अपडेट: 2026-10-08
