# अध्ययन: वेब-सर्च वाले AI मॉडल दोहरा सकते हैं भ्रामक सामग्री

> शोधकर्ताओं ने ChatGPT, Gemini और Sonar Pro को परखा। परीक्षण की स्थितियों में 31% बार जवाबों में हमलावरों के नियंत्रण वाले वेबपेजों की सामग्री मिली।

Oossa · 2026-10-23 · https://oossa.com/hi/study-finds-web-search-llms-can-repeat-data-void-content

arXiv पर प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, रणनीतिक ढंग से बनाई गई एक वेबपेज, वेब पर खोज करने वाले AI सिस्टम के जवाबों को प्रभावित कर सकती है। शोधकर्ताओं ने ChatGPT, Gemini और Sonar Pro को ऐसे विषयों पर दिए गए प्रॉम्प्ट से परखा, जिनके बारे में भरोसेमंद ऑनलाइन जानकारी कम थी। उन्होंने प्रॉम्प्ट के लहजे और हमलावरों के नियंत्रण वाले अन्य कारकों में बदलाव करके परीक्षण किया।

परीक्षण की सभी स्थितियों में 31% बार जवाबों में हमलावरों के नियंत्रण वाली सामग्री दिखाई दी। संदेह जताने वाले प्रॉम्प्ट से सफलता की दर थोड़ी घटी और चेतावनियां बढ़ीं, लेकिन अध्ययन में प्रॉम्प्ट के लहजे या मॉडल के चुनाव का कोई बड़ा असर नहीं मिला। यह शोधपत्र विस्तारित रूप में NDSS Symposium 2027 में पेश किया जाएगा।

## तथ्य

- अध्ययन की परीक्षण स्थितियों में 31% बार जवाबों में हमलावरों के नियंत्रण वाली सामग्री दिखाई दी।
- शोधकर्ताओं ने ChatGPT, Gemini और Sonar Pro को परखा।

## यह क्यों मायने रखता है

कम भरोसेमंद स्रोतों वाले विषयों पर जानकारी के लिए इन सिस्टम का इस्तेमाल करने वालों को रणनीतिक ढंग से प्रकाशित सामग्री मिल सकती है। अध्ययन के मुताबिक, संदेह जताने वाली भाषा से इससे बचाव केवल सीमित रूप से हुआ।

## स्रोत और संदर्भ

1. [Data-Void Exploits in Web-Searching LLMs](https://arxiv.org/abs/2610.30365) – arXiv cs.IR, 2026-10-23

अंतिम अपडेट: 2026-10-23
