OpenAI ने बताया कि उसने विदेशी प्रभाव अभियानों में शामिल दो ChatGPT खाते बंद कर दिए हैं। “Dark Clark” नाम का एक अभियान रूसी लोगों ने चलाया था, जिसका मकसद लैटिन अमेरिका में यूक्रेन के बारे में झूठी खबरें फैलाना था। “Bogus Bylines” नाम का दूसरा अभियान ईरान की ओर से चलाया गया था। इसके तहत दुनिया भर की ऑनलाइन समाचार साइटों पर अमेरिका-ईरान संघर्ष के बारे में करीब 100 मनगढ़ंत लेख प्रकाशित किए गए।
अभियान कैसे चलाए गए
दोनों समूहों ने पत्रकारों की फर्जी पहचान बनाई और लेख लिखने तथा उनका अनुवाद करने के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया। रूसी समूह ने मनगढ़ंत ऑडियो क्लिप और दस्तावेज़ भी बनाए, जिनके बाद इक्वाडोर और पेरू में तथ्य-जांच और आधिकारिक खंडन हुए। ईरानी समूह ने सोशल मीडिया पर टिप्पणियां भी पोस्ट कीं, लेकिन उन पर बहुत कम लोगों ने प्रतिक्रिया दी। OpenAI के मुताबिक, रूसी अभियान को उसके Breakout Scale पर “category 5” रेटिंग मिली, क्योंकि राजनेताओं ने इसकी सामग्री पर प्रतिक्रिया दी। 2½ साल में यह पहला ऐसा मामला था जिसे इतना ऊंचा स्तर दिया गया।
OpenAI की प्रतिक्रिया
OpenAI की जांच के बाद अभियानों में इस्तेमाल किए गए दोनों ChatGPT खाते तुरंत बंद कर दिए गए। कंपनी ने यह नहीं बताया कि क्या इनमें दूसरे खाते भी शामिल थे। उसने अभियान की तरकीबों और उनमें AI की भूमिका का ब्योरा देने वाली एक रिपोर्ट भी जारी की। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि इन प्रभाव अभियानों का निशाना केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि वैध समाचार संस्थान भी थे।
यह क्यों मायने रखता है
आम पाठकों के लिए, यह दिखाता है कि AI टूल का दुरुपयोग सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं, भरोसेमंद समाचार साइटों पर भी झूठी खबरें पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। OpenAI की ओर से खाते बंद किए जाने से ऐसी मनगढ़ंत सामग्री का प्रसार सीमित हो सकता है, लेकिन रिपोर्ट यह भी बताती है कि AI से संचालित भ्रामक सूचनाओं का पता लगाना अब भी चुनौती है।