शोधकर्ताओं ने आठ महीनों में एक अस्पताल के लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) सहायक को 6,342 डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से भेजे गए 127,833 अनुरोधों का अध्ययन किया। उन्हें पता चला कि 36 % सवाल दस्तावेज़ीकरण और प्रशासन से जुड़े थे, जबकि 29 % जानकारी खोजने के लिए थे। केवल 4 % सवालों में निदान मांगा गया था। एक-तिहाई से अधिक अनुरोधों का, जिस तरह वे पूछे गए थे, अच्छा जवाब देना संभव नहीं था। शोधकर्ताओं ने जब असल दुनिया के इन कामों की तुलना 58 सार्वजनिक बेंचमार्क से की, तो पाया कि बेंचमार्क में कामों के कुल प्रकारों में से केवल करीब एक-तिहाई शामिल थे और दस्तावेज़ीकरण का काम पूरी तरह छूटा हुआ था।
यह क्यों मायने रखता है
अस्पतालों को AI के मूल्यांकन का तरीका नए सिरे से तय करना पड़ सकता है, ताकि उसमें दस्तावेज़ीकरण और जानकारी खोजने जैसे रोज़मर्रा के काम शामिल हों, जिनके लिए स्वास्थ्यकर्मी वास्तव में AI पर निर्भर करते हैं।