राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता का आधिकारिक नाम बदलकर “सुपर इंटेलिजेंस” कर दिया गया है। उन्होंने व्हाइट हाउस में Nvidia के CEO Jensen Huang, SpaceX के CEO Elon Musk और अन्य टेक दिग्गजों के साथ दोपहर के भोजन के दौरान यह घोषणा की। ट्रंप ने इस बदलाव को “नैतिक रूप से बाध्यकारी” बताया, लेकिन इसे लागू करने के तरीके के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह कदम सोशल मीडिया पर हुए उस सर्वेक्षण के बाद आया, जिसमें “सुपीरियर इंटेलिजेंस” के मुकाबले “सुपर इंटेलिजेंस” को अधिक वोट मिले। आलोचकों का कहना है कि नाम बदलने से तकनीक की सुरक्षा को लेकर कई अमेरिकियों की चिंताएं दूर नहीं होंगी।
यह क्यों मायने रखता है
AI का नाम बदलने से जनता की बढ़ती आशंकाओं और शक्तिशाली AI प्रणालियों पर कड़े नियमन की उद्योग जगत की मांगों का समाधान नहीं होता।