YouTube Music ने 14 Oct 2026 को लेबल लगाने की नई व्यवस्था की घोषणा की। ये लेबल प्लेयर पेज पर दिखेंगे और सुनने वालों को बताएंगे कि गाना बनाने में AI का कितना इस्तेमाल हुआ। लेबल पर क्लिक करने से पता चलेगा कि AI ने संगीत तैयार किया, गायन किया या दोनों।
यह व्यवस्था मुख्य YouTube ऐप में भी काम करेगी। कलाकार गाने अपलोड करते समय तीन में से एक लेबल चुन सकेंगे: पूरी तरह AI से बने गानों के लिए “Fully Gen AI”, AI से तैयार हिस्सों और लाइव परफॉर्मेंस के मेल वाले गानों के लिए “Partly Gen AI”, और सिर्फ Auto-Tune जैसे पिच-सुधार टूल इस्तेमाल करने वाले गानों के लिए “No Gen AI”।
अब यह बदलाव क्यों?
स्ट्रीमिंग सेवाओं पर AI से बना संगीत तेजी से बढ़ रहा है। Deezer ने बताया कि जुलाई में उसे हर दिन करीब 90,000 पूरी तरह AI से बने ट्रैक मिल रहे थे। दूसरी सेवाएं भी अपने लेबल जोड़ रही हैं या AI गानों को सुझावों से बाहर कर रही हैं। YouTube का तरीका AI के इस्तेमाल की जानकारी देना है, लेकिन इन गानों को कमाई करने की अनुमति भी देना है।
दूसरी सेवाओं से तुलना
Apple Music इस साल के आखिर में “Made With AI” लेबल शुरू करने की योजना बना रहा है, जबकि Spotify पहले से AI लेबल और स्पैम फ़िल्टर का इस्तेमाल करता है। Tidal भी पूरी तरह AI से बनी रिकॉर्डिंग पर लेबल लगाता है और उपयोगकर्ताओं को उन्हें छिपाने देता है। YouTube का तरीका AI ट्रैक रोकने या हटाने के बजाय पारदर्शिता पर जोर देता है।
यह क्यों मायने रखता है
सुनने वालों को पता चलेगा कि कोई गाना AI की मदद से बना है, जिससे वे तय कर सकेंगे कि उसे सुनना चाहते हैं या नहीं। कलाकार अब भी रॉयल्टी कमा सकेंगे—यह बदलाव कमाई नहीं रोकेगा, बल्कि जानकारी स्पष्ट करेगा। इससे YouTube को उन दूसरी सेवाओं से मुकाबला करने का तरीका भी मिलेगा, जो पहले से AI संगीत पर लेबल लगा रही हैं।