Anthropic सांसदों के सामने जिस AI सुरक्षा विधेयक का मसौदा रख रही थी, वह पिछले हफ्ते के आखिर में लीक हो गया। इसके बाद कंपनी को बचाव में सफाई देनी पड़ी। कंपनी के एक प्रवक्ता ने Semafor को बताया कि यह प्रस्ताव उस सुरक्षा ढाँचे का विधायी रूप है, जिसे Anthropic कई महीनों से बढ़ावा दे रही है।
सुरक्षा के पैरोकारों का कहना है कि मसौदा पर्याप्त कदम नहीं उठाता और राज्य कानूनों को अनुचित रूप से निष्प्रभावी कर देगा। Anthropic के एक लॉबिस्ट ने कहा कि कंपनी AI की प्रगति की रफ्तार और राज्य कानूनों पर अपने रुख को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए इसमें संशोधन करेगी। OpenAI के Chris Lehane ने भी तर्क दिया कि नीतिगत फैसलों की अगुवाई किसी एक कंपनी के बजाय निर्वाचित अधिकारियों को करनी चाहिए।
यह क्यों मायने रखता है
अगर प्रस्ताव में राज्य कानूनों को निष्प्रभावी करने वाले प्रावधान बने रहते हैं, तो राज्यों के पास अपने AI नियम तय करने की गुंजाइश कम हो सकती है; मसौदे की अंतिम शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हैं।