ताइवान ने अपनी निर्यात-नियंत्रण सूची का दायरा बढ़ाकर इसमें AI सर्वर और नवीनतम हाई-परफॉर्मेंस चिप्स शामिल करने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे ही तकनीकी उत्पादों पर हाल में अमेरिका की लगाई रोक के अनुरूप है। विदेशी व्यापार कानून के तहत, चीन को इन वस्तुओं की तस्करी करते पकड़े जाने पर 5 साल तक की जेल और करीब $92,500 का जुर्माना हो सकता है।
यह बदलाव क्यों अहम है
नए नियम इस साल की शुरुआत में ताइवान और अमेरिका के बीच हुए समझौते का हिस्सा हैं। उस समझौते के तहत अमेरिका ने ताइवानी सामान पर शुल्क घटाकर 15 % कर दिया था और अमेरिकी टेक कंपनियों में सीधे निवेश का वादा किया था। ताइवान ने कहा कि अब वह AI हार्डवेयर समेत “नियंत्रित वस्तुओं” पर अमेरिका के कई नियंत्रण उपायों को अपनाएगा।
यह क्यों मायने रखता है
AI हार्डवेयर बनाने या भेजने वाली कंपनियों के लिए नए कानून का मतलब है कि कागजी कार्रवाई सख्त होगी और बिना अनुमति चीन में उपकरण भेजने पर आपराधिक आरोप लगने का जोखिम रहेगा। यह संकेत भी है कि ताइवान अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों का करीबी तौर पर पालन करेगा, जिससे चीन के ग्राहकों के लिए अत्याधुनिक AI सर्वर की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।