रविवार को बीजिंग में Fields Medal विजेता Shing‑Tung Yau के नेतृत्व वाले एक समूह ने "Yau Laboratory Alliance for Mathematics and Artificial Intelligence" की घोषणा की। इस गठबंधन में चीन के आठ शोध संस्थान शामिल हैं। इसका लक्ष्य गणित के लिए AI उपकरणों पर काम करने वाले 1,000 से अधिक गणितज्ञों का नेटवर्क बनाना है। South China Morning Post ने इसकी खबर दी।
पश्चिमी गणितज्ञ क्यों चिंतित हैं
यूरोप और अमेरिका में कई प्रमुख गणितज्ञ AI से तैयार किए गए प्रमाणों का विरोध कर रहे हैं। Terence Tao और Peter Scholze समेत Fields Medal के 25 विजेताओं का कहना है कि AI पर निर्भरता से शोधकर्ताओं की किसी प्रमाण के पीछे के तर्क को समझने की क्षमता घट सकती है। कुछ लोगों ने AI से तैयार नतीजों के बहिष्कार की मांग की है, जबकि अन्य इस बात से चिंतित हैं कि अब बड़ी संख्या में शोधपत्रों में AI उपकरण को सह-लेखक के रूप में दर्ज किया जा रहा है।
गणित में AI को लेकर चीन की रणनीति
चीनी गठबंधन का जोर ऐसे विशेष AI मॉडल बनाने पर है जो मशीन से सत्यापित किए जा सकने वाले प्रमाण तैयार कर सकें। वे यह भी चाहते हैं कि ये प्रणालियां अपने तर्क की व्याख्या इस तरह करें कि दूसरे शोधकर्ता उसकी जांच कर सकें। Yau ने चेतावनी दी कि इस तरह के समन्वित प्रयास के बिना चीन गणितीय शोध के क्षेत्र में अमेरिका से पिछड़ सकता है।
यह क्यों मायने रखता है
अगर चीनी गठबंधन सफल होता है, तो गणितीय शोध में AI उपकरण आम हो सकते हैं। इससे खोज की रफ्तार बढ़ सकती है, लेकिन प्रमाणों की जांच का तरीका भी बदल सकता है। विद्यार्थियों और पेशेवरों को AI से तैयार नतीजों को समझने या जांचने के लिए नए सॉफ्टवेयर सीखने पड़ सकते हैं। पश्चिम में चल रही बहस यह भी दिखाती है कि गणित का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़े, इसे लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण उभर सकते हैं।