Microsoft के सुरक्षा शोधकर्ताओं के मुताबिक, चीन की सरकार से जुड़े हैकरों ने ConnectWise की क्लाउड बैकअप सेवा में सेंध लगाई और सेवा को ग्राहकों के सिस्टम से जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले क्रेडेंशियल चुरा लिए। इन क्रेडेंशियल की मदद से हमलावर अधिकृत उपयोगकर्ताओं के तौर पर ग्राहकों के Microsoft-होस्टेड माहौल में दाखिल हो सकते थे और ईमेल तथा दूसरी फाइलों तक पहुंच बना सकते थे।
Microsoft का कहना है कि हैकरों ने AI एजेंटों का इस्तेमाल कर करीब 2,250 संगठनों के खिलाफ हर मिनट लगभग 3,000 साइन-इन प्रयास किए। यह आंकड़ा किए गए साइन-इन प्रयासों का है; स्रोत यह नहीं बताता कि इनमें से कितने सफल हुए या किन संगठनों पर असर पड़ा।
सेंध कैसे लगी
चुराए गए एप्लिकेशन क्रेडेंशियल ConnectWise की बैकअप सेवा को कॉरपोरेट ग्राहकों के खातों से जोड़ते हैं। ग्राहक के Microsoft माहौल में दाखिल होने के बाद हमलावर वहां मौजूद डेटा तक पहुंच सकते थे—सिर्फ ConnectWise के पास रखे बैकअप तक नहीं।
Microsoft ने इस अभियान की तेज रफ्तार का श्रेय ARTEX को दिया। यह ओपन-सोर्स AI फ्रेमवर्क साइबर सुरक्षा बचावों की जांच के लिए AI मॉडल के साथ काम करने के लिए बनाया गया है। स्रोत के मुताबिक, हाल ही में दक्षिण कोरिया की वित्तीय प्रणालियों में सेंध के दौरान भी इसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ था। बताया गया कि वहां कई संगठनों की सुरक्षा कमजोर थी और उनमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन नहीं था। स्रोत यह नहीं बताता कि दोनों घटनाओं में ARTEX का इस्तेमाल किस तकनीकी तरीके से किया गया।
ConnectWise की प्रतिक्रिया
ConnectWise ने कहा कि उसने अपने क्लाउड बैकअप सिस्टम की पहुंच रोक दी है और सेंध की जांच कर रही है। 22 अक्टूबर को कंपनी ने कहा कि वह सेवा बहाल करने पर काम कर रही है। स्रोत प्रभावित ग्राहकों के नाम नहीं बताता, यह नहीं कहता कि कितने खातों तक सफलतापूर्वक पहुंच बनाई गई और न ही यह बताता है कि हमलावरों ने कौन-सा डेटा हासिल किया।
Microsoft के विवरण से पता चलता है कि चुराए गए क्रेडेंशियल किसी सेवा प्रदाता में सेंध को उसके ग्राहकों के अपने सिस्टम तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं। लेकिन साइन-इन प्रयासों की बताई गई रफ्तार अपने आप में यह साबित नहीं करती कि निशाना बनाए गए हर संगठन में सेंध लगी।
यह क्यों मायने रखता है
ConnectWise की बैकअप सेवा से Microsoft-होस्टेड खाते जोड़ने वाली कंपनियों के लिए, चुराए गए क्रेडेंशियल बैकअप सिस्टम से आगे बढ़कर ईमेल और दूसरी फाइलों को भी जोखिम में डाल सकते हैं। स्रोत प्रभावित ग्राहकों की पहचान नहीं करता और न ही पुष्टि करता है कि कितने संगठनों के डेटा तक पहुंच बनाई गई, इसलिए असल असर का दायरा स्पष्ट नहीं है।