Federal Communications Commission ने पहली बार चिप के स्तर पर लागू नए नियम का इस्तेमाल कर अमेरिका में दो उत्पादों की बिक्री रोक दी है। इस प्रतिबंध में एक डैशकैम और एक वायरलेस वीडियो ट्रांसमीटर शामिल हैं, जिनमें HiSilicon Smart Vision SoC चिप लगी है। इस नियम के तहत FCC ब्रांड के बजाय डिवाइस के अंदर लगी चिप को निशाना बना सकता है। इसका उद्देश्य उस खामी को दूर करना है जिसके चलते रीब्रांड किए गए डिवाइस में भी जोखिम वाले पुर्जे लगे रह सकते थे।
यह चिप क्या करती है
HiSilicon Smart Vision SoC—खास तौर पर Hi3516CV610 UHD मॉडल—निगरानी उपकरणों के लिए बनाई गई है। इसमें Wi‑Fi, Ethernet, वीडियो एन्कोडिंग, Arm Cortex‑A7 CPU और NPU शामिल हैं। NPU यानी न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट, चेहरा पहचानने जैसे AI फ़ंक्शन चलाती है। HiSilicon, Huawei की सहायक कंपनी है। Huawei उन कंपनियों की FCC Covered List में शामिल है जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम माना गया है। FCC का कहना है कि NPU होने से यह चिप “स्मार्ट” पुर्जा बन जाती है और इस पर रोक लगनी चाहिए।
प्रतिबंध का असर
अमेरिका में अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने से पहले निर्माताओं को HiSilicon चिप बदलनी होगी या उत्पादों को नए सिरे से डिज़ाइन करना होगा। डैशकैम या वायरलेस CCTV ट्रांसमीटर खरीदने वाले ग्राहकों को ऐसा मॉडल चुनना होगा जिसमें कोई दूसरा प्रोसेसर हो। FCC का यह नया तरीका चीन में बनी ऐसी AI चिप वाले दूसरे डिवाइसों को भी प्रभावित कर सकता है, भले ही उनके उत्पाद का ब्रांड अमेरिका का हो।
यह क्यों मायने रखता है
अगर आप डैशकैम या वायरलेस CCTV ट्रांसमीटर खरीदने की सोच रहे थे, तो चिप पर लगे प्रतिबंध के कारण ये मॉडल अमेरिका के स्टोर में उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। इस नियम के तहत भविष्य में ऐसी चीनी AI चिप का इस्तेमाल करने वाले किसी भी उत्पाद पर भी रोक लग सकती है, जिससे निर्माताओं को दूसरे पुर्जे तलाशने पड़ेंगे।