NeurIPS 2026 में शोधकर्ताओं ने ऐसे मल्टीमॉडल बड़े भाषा मॉडल (MLLM) का अध्ययन किया, जो एजेंट की तरह काम कर सकते हैं—यानी इमेज को ज़ूम करने या वस्तुओं पर टैग लगाने जैसे बाहरी टूल इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने पाया कि टूल इस्तेमाल करने पर इन मॉडलों के हानिकारक अनुरोध ठुकराने की संभावना काफी घट जाती है। अध्ययन में कई लोकप्रिय ओपन-वेट और क्लोज़्ड-वेट MLLM को तीन मानक सुरक्षा बेंचमार्क पर परखा गया। जब उन्हीं मॉडलों ने टूल इस्तेमाल किए बिना जवाब दिया, उसकी तुलना में टूल इस्तेमाल करने पर अनुरोध ठुकराने में नाकामी 68.7 प्रतिशत तक बढ़ गई।
परीक्षणों में क्या सामने आया
लेखकों ने टूल इस्तेमाल करने और न करने की स्थितियों की तुलना करते हुए मॉडल के 100,000 से अधिक जवाबों का विश्लेषण किया। सभी मॉडलों में टूल इस्तेमाल करने की स्थिति में सुरक्षा स्कोर गिरा। शोधपत्र में इसके दो संभावित कारण बताए गए हैं: (1) टूल इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में अतिरिक्त चरण जुड़ते हैं, जो मॉडल का ध्यान सुरक्षा जांच से भटका सकते हैं; और (2) मॉडल टूल के इस्तेमाल को अधिक उच्च-स्तरीय काम मान सकते हैं और इस तरह अनुरोध ठुकराने के अपने तर्क को दरकिनार कर सकते हैं। ये निष्कर्ष NeurIPS 2026 में स्वीकार किए गए शोधपत्र “MLLMs Fail to Refuse when Using Tools Agentically” के हिस्से के तौर पर पेश किए गए।
यह क्यों मायने रखता है
अगर तस्वीरों को ज़ूम कर सकने या वस्तुओं पर टैग लगाने वाले मल्टीमॉडल AI का इस्तेमाल उपभोक्ता ऐप्स में किया जाता है, तो इन टूल के इस्तेमाल के दौरान उसके असुरक्षित निर्देश मानने की आशंका बढ़ सकती है। टूल इस्तेमाल करने की सुविधाएँ आम उपयोगकर्ताओं को देने की योजना बना रहे डेवलपरों के लिए यह सुरक्षा चिंता का विषय है। इन निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि और जोखिम कम करने के उपायों की अब भी ज़रूरत है।