Gartner का अनुमान है कि 2028 तक 70 प्रतिशत कंपनियां वेंडर की मदद से बनाए गए एजेंटिक AI सिस्टम का इस्तेमाल बंद कर देंगी। कंपनी इस तरीके को “फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियरिंग” (FDE) कहती है। इसमें वेंडर के इंजीनियर ग्राहक के साथ मिलकर उसके लिए खास AI तैयार करते हैं। Gartner ने चेतावनी दी है कि इस तरीके से शुरुआती फायदे तो मिल सकते हैं, लेकिन कंपनियां महंगी बाहरी विशेषज्ञता पर निर्भर हो जाती हैं। उसकी सलाह है कि FDE का इस्तेमाल सिर्फ बेहद जटिल और आपस में गहराई से जुड़े कामों के लिए किया जाए; वरना कंपनियां ऊंची फीस चुकाने के बाद भी अपने AI पर अंदरूनी नियंत्रण हासिल नहीं कर पाएंगी।
यह क्यों मायने रखता है
बाहरी इंजीनियरों पर निर्भर रहने से कंपनियों को लगातार ऊंची लागत उठानी पड़ सकती है और अपने AI सिस्टम पर उनका नियंत्रण कम हो सकता है।