Palisade Research नाम के एक गैर-लाभकारी संगठन ने OpenAI, Google DeepMind और Anthropic के AI शोधकर्ताओं के साथ हुए इंटरव्यू के वीडियो जारी किए हैं। इन वीडियो में वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में आने वाला सुपरइंटेलिजेंट AI उतना ही खतरनाक हो सकता है, जितनी आशंकाएँ जताई जा रही हैं। OpenAI और DeepMind, दोनों में काम कर चुके Geoffrey Irving कहते हैं कि मानव विलुप्ति की आशंका “सिक्का उछालने जैसी”—यानी करीब 50 फ़ीसदी—है। DeepMind के शोधकर्ता Neel Nanda इस जोखिम को “कम-से-कम 10 फ़ीसदी” बताते हैं। OpenAI के पूर्व कर्मचारी Daniel Kokotajlo का कहना है कि सुपरइंटेलिजेंट सिस्टम “ईश्वर जैसी शक्ति वाला” होगा और उसे नियंत्रित करने का हमारे पास कोई तरीका नहीं है।
शोधकर्ताओं ने क्या कहा
वीडियो में यह भी बताया गया है कि जोखिमों के बावजूद वैज्ञानिक AI पर काम क्यों करते रहते हैं। Google की Mary Phuong कहती हैं कि उन्हें “लैब से वेतन मिलता है,” जो हितों के टकराव की ओर इशारा करता है। Nanda कहते हैं कि अगर उन्हें नहीं लगता कि उनके काम से अस्तित्वगत जोखिम घटता है, तो वे नौकरी छोड़ देंगे—लेकिन कंपनियाँ फिर भी ऐसे सिस्टम बनाती रहेंगी।
Palisade Research ने पूरे वीडियो frominside.ai पर पोस्ट किए हैं और सबसे चौंकाने वाले बयानों पर केंद्रित छोटे क्लिप भी तैयार किए हैं। वेबसाइट कोई एक साझा सुरक्षा समाधान पेश नहीं करती; खतरे से निपटने के तरीके को लेकर खुद शोधकर्ताओं में मतभेद हैं।
यह क्यों मायने रखता है
इन चेतावनियों से पता चलता है कि AI के शीर्ष इंजीनियर भी विनाशकारी नतीजों के वास्तविक जोखिम को देखते हैं। आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि AI सुरक्षा पर बहस सिर्फ अकादमिक नहीं है—यह इस बात को प्रभावित कर सकती है कि शक्तिशाली AI उपकरण कितनी तेजी से उपलब्ध कराए जाएँगे और उन पर कौन-से सुरक्षा उपाय लागू होंगे।