Meta ने तीसरी तिमाही की कमाई पर हुई कॉल में बताया कि उसके AI असिस्टेंट ऐप Muse के अब 10 मिलियन से ज़्यादा यूज़र हैं। यह आंकड़ा इस हफ्ते की शुरुआत में मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Sensor Tower के जारी अनुमान के अनुरूप है। CEO Mark Zuckerberg के मुताबिक, Muse सेटअप करने वाले करीब 25% लोग इसे हर दिन इस्तेमाल करते हैं।
खरीदारी से हो रहा है बड़ा खर्च
Zuckerberg ने कहा कि Muse के सक्रिय यूज़र में से एक-चौथाई से कुछ ज़्यादा लोग AI एजेंट के ज़रिए खरीदारी करते हैं और ये खरीदार हर खरीद पर औसतन $200 से ज़्यादा खर्च करते हैं। ऐप यूज़र के बैंक खातों को जोड़ने के लिए Plaid के वित्तीय कनेक्टर का इस्तेमाल करता है। Plaid का कहना है कि उसने किसी दूसरी सेवा पर इस स्तर की गतिविधि नहीं देखी है। Muse में डेटा को निजी रखने के लिए “Muse Secure VM” भी है। आगे चलकर “Muse Confidential VM” आएगा, जो Meta को भी यूज़र का कंटेंट देखने से रोकेगा।
Muse के लिए आगे की योजना
Meta इस उपलब्धि को “प्रोडक्ट-मार्केट फिट” कहता है और Muse का विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि इससे प्रति यूज़र आय उसके मुख्य ऐप परिवार से ज़्यादा हो—जो फिलहाल हर साल कई सौ डॉलर है। कंपनी को उम्मीद है कि एक साल के भीतर कंप्यूटिंग लागत दस गुना से भी ज़्यादा घट जाएगी, जिससे सेवा का विस्तार करते हुए इसे मुनाफ़े में लाया जा सकेगा। Muse को Meta के स्मार्ट-ग्लास रोडमैप और आने वाले “Muse network” से भी जोड़ा जाएगा, जिसमें यूज़र के एजेंट आपस में सहयोग कर सकेंगे।
यह क्यों मायने रखता है
रोज़मर्रा के खरीदारों के लिए Muse सामान खरीदने का एक ऐसा तरीका देता है जिसमें हाथों से कम काम करना पड़ता है। Plaid के ज़रिए भुगतान संभालने से समय बच सकता है। ज़्यादा खर्च और रोज़ाना इस्तेमाल की ओर बढ़ते रुझान से संकेत मिलता है कि यह ऐप खरीदारी का आम साथी बन सकता है। Meta की योजना इसे ज़्यादातर यूज़र के लिए मुफ़्त रखने की है, जिससे कम लागत में इसकी सुविधा मिलेगी, जबकि कंपनी इससे होने वाले लेन-देन से मुनाफ़ा कमाने की कोशिश करेगी।