Google ने Agent Compute Engine की घोषणा की है। यह ऐसी सेवा है जिसमें हर AI एजेंट अपनी अलग, आइसोलेटेड वर्चुअल मशीन में चलता है। यह सेवा पहले से Gemini को चला रही है। Google का कहना है कि आने वाले महीनों में इसे प्रीव्यू के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, हालांकि उसने कोई तय तारीख नहीं बताई है।
कंपनी के मुताबिक, हर एजेंट एक छोटी वर्चुअल मशीन यानी माइक्रोVM में चलता है, जिसे Google की Titanium चिप से सुरक्षित किया जाता है। एजेंट के निष्क्रिय होने पर उसकी VM अपने-आप रुक जाती है, ताकि उस मशीन का इस्तेमाल कोई दूसरा एजेंट कर सके। Google का यह भी कहना है कि VM के बीच साझा मेमोरी से हर VM को चलाने की लागत घटती है।
Google का क्षमता संबंधी दावा
Google ने Agent Substrate को भी ओपन सोर्स किया है। यह इसी तरीके पर बना Kubernetes रनटाइम है। कंपनी का कहना है कि इससे एक सर्वर पर दस गुना अधिक एजेंट चलाए जा सकते हैं। Google के मुताबिक, 200,000 एजेंटों पर किए गए परीक्षण में उन्हें रोकने और फिर से शुरू करने में 500 मिलीसेकंड से कम समय लगा। स्रोत में परीक्षण की व्यवस्था का ब्योरा नहीं है और न ही स्वतंत्र पुष्टि का हवाला दिया गया है।
एजेंटों के प्रबंधन के लिए Google टोकन ट्रैकिंग, मॉडल रूटिंग और Ping Identity तथा SailPoint समेत बाहरी पहचान प्रदाताओं के लिए सपोर्ट जोड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि ये नियंत्रण Cloud Run, Google Kubernetes Engine (GKE) और प्रबंधित एंडपॉइंट्स तक भी उपलब्ध होंगे। उपलब्धता या कीमत के बारे में उसने कोई और जानकारी नहीं दी है।
अब भी क्या स्पष्ट नहीं है
इस घोषणा में एजेंट चलाने और उन पर निगरानी रखने के लिए बुनियादी ढांचे की बात है, न कि उपभोक्ताओं के लिए किसी नए एजेंट उत्पाद की। Google ने यह नहीं बताया है कि प्रीव्यू कब शुरू होगा, कौन इसमें शामिल हो सकेगा या सेवा की कीमत कितनी होगी।
यह क्यों मायने रखता है
Google Cloud पर AI एजेंट बना रहे डेवलपर अलग-अलग माइक्रोVM और अपने-आप रुकने की सुविधा से एजेंटों को अलग रख सकते हैं और सर्वर क्षमता का अधिक कुशलता से इस्तेमाल कर सकते हैं। क्षमता और गति से जुड़े दस गुना वाले आंकड़े Google के दावे हैं। घोषणा में प्रीव्यू तक पहुंच या कीमत की जानकारी नहीं है, इसलिए डेवलपर अभी इसकी व्यावहारिक लागत या उपलब्धता का आकलन नहीं कर सकते।