Google ‘AI contribution pilot’ नाम से केवल आमंत्रण पर चलने वाला एक परीक्षण कर रहा है। इसमें प्रकाशकों को तब भुगतान किया जाता है, जब उनके लेख AI Overviews, AI Mode और Gemini चैटबॉट के जवाब तैयार करने में मदद करते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, यह पायलट एक साल से भी कम समय पहले शुरू हुआ था।
अब तक करीब 100 डिजिटल प्रकाशकों को ही इसमें आमंत्रित किया गया है। इनमें से ज्यादातर को कुछ महीनों में 1,000 डॉलर से भी कम की मामूली रकम मिलती है। कुछ मध्यम आकार की साइटों ने कुछ महीनों में 50,000 से 60,000 डॉलर कमाने की बात कही है, जबकि एक प्रकाशक का कहना है कि उसकी सालाना कमाई 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा है।
भुगतान कैसे तय होता है
प्रकाशक Google Search Console के एक नए AI earnings पैनल में देख सकते हैं कि Google उनकी सामग्री का कितनी बार इस्तेमाल करता है और उससे कितनी कमाई होती है। भुगतान का सटीक फॉर्मूला सार्वजनिक नहीं है। पायलट में शामिल लोगों के मुताबिक, Google कहता है कि भुगतान इस बात पर निर्भर करता है कि स्रोत किसी जवाब में कितना “योगदान” देता है, लेकिन इसकी गणना का तरीका स्पष्ट नहीं है।
बिना किसी साफ वजह के भुगतान महीने-दर-महीने घट या बढ़ सकता है। एनीमे या गेमिंग जैसे खास विषयों और समर्पित पाठक-वर्ग वाली साइटें आम तौर पर ज्यादा कमाती हैं।
प्रकाशकों की प्रतिक्रिया और व्यापक असर
बड़े प्रकाशक बेहतर दरें हासिल करने के दबाव में इस पायलट में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं। AI Overviews आने के बाद से खुले वेब पर ट्रैफिक घटा है। इसके चलते मुकदमे हुए हैं और दिसंबर 2025 में यूरोपीय संघ की अविश्वास जांच शुरू हुई।
जर्मनी की एक अदालत ने फैसला दिया कि AI Overviews Google की अपनी सामग्री हैं, मौजूदा सामग्री के सारांश नहीं। इससे प्रकाशकों को लाइसेंस शुल्क की मांग करने का कानूनी आधार मिल सकता है। फिलहाल Google शर्तें गोपनीय रखता है और साइटों को अलग-अलग तौर पर इससे बाहर होने का विकल्प देता है।
यह क्यों मायने रखता है
ज्यादातर छोटी और मध्यम आकार की साइटों के लिए इस पायलट से लगभग कोई अतिरिक्त कमाई नहीं होती, इसलिए AI से मिले जवाबों के कारण हुए ट्रैफिक नुकसान की भरपाई भी नहीं होती। बड़े प्रकाशक भुगतान में पारदर्शिता की कमी का इस्तेमाल बेहतर सौदे हासिल करने के लिए दबाव बनाने में कर रहे हैं। नियामक भी देख रहे हैं कि Google का तरीका प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन तो नहीं करता।