Microsoft का कहना है कि पुराने मेडिकल मामलों पर किए गए परीक्षणों में उसके Diagnostic Orchestrator ने बीमारियों का अधिक सटीक निदान किया। The New England Journal of Medicine की रिपोर्टों से लिए गए मामलों में सिस्टम की सटीकता करीब 83 प्रतिशत रही। संदर्भ सामग्री का इस्तेमाल करने वाले सामान्य चिकित्सकों की सटीकता करीब 36 प्रतिशत और बिना संदर्भ सामग्री वाले डॉक्टरों की 22 प्रतिशत थी।
22 अक्टूबर को Science में प्रकाशित कंपनी के अध्ययन में बोस्टन के Beth Israel Deaconess Medical Center के आपातकालीन विभाग के डेटाबेस से लिए गए मामलों पर भी परीक्षण किया गया। वहां AI की सटीकता 80 प्रतिशत रही, जबकि डॉक्टरों का औसत 47 प्रतिशत था। Microsoft का कहना है कि सिस्टम ने अनुमानित तौर पर कम लागत में भी निदान किए, लेकिन स्रोत में लागत के आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
सिस्टम कैसे काम करता है
Diagnostic Orchestrator, OpenAI के GPT-5 से संचालित कई AI एजेंटों का इस्तेमाल करता है। ये एजेंट लक्षणों और मेडिकल इतिहास की जांच करते हैं, तय करते हैं कि कौन-से परीक्षण करने हैं और फिर निदान तक पहुंचते हैं। Microsoft ने इन मामलों को अपने SDBench बेंचमार्क में शामिल किया है। कंपनी का कहना है कि वह इसे ओपन-सोर्स करने की योजना बना रही है।
Microsoft का कहना है कि इस सिस्टम ने अलग-अलग प्रमुख AI मॉडल से भी बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, समीक्षा किए गए शोधपत्र में रिपोर्ट में नामित नए मॉडलों—GPT-6 Astra, Meta’s Muse Wonder Full, Google’s Gemini 4 Argon और Anthropic’s Opus 5.5—से इसकी तुलना नहीं की गई। शोधकर्ताओं के मुताबिक, सिस्टम का शुरुआती विकास उस समय हुआ था, जब GPT-4.1 उपलब्ध सबसे उन्नत मॉडल था।
अस्पतालों में परीक्षण अभी बाकी
ये नतीजे पुराने मामलों पर आधारित हैं, मरीजों के इलाज पर नहीं। Microsoft का कहना है कि वह Beth Israel Deaconess Medical Center के साथ अस्पतालों में इस टूल का परीक्षण करने की योजना बना रहा है। यह परीक्षण संभवतः अगले कुछ महीनों में शुरू होगा, लेकिन इसकी पक्की तारीख नहीं दी गई है। कंपनी ने यह भी नहीं बताया है कि सिस्टम कब या कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है।
Microsoft AI के CEO Mustafa Suleyman ने नतीजों को एक अहम पड़ाव बताया, साथ ही माना कि इस टूल की क्लिनिकल पुष्टि जरूरी है। कंपनी का कहना है कि असल दुनिया में इसके इस्तेमाल के लिए चिकित्सा क्षेत्र के नियामक और अनुपालन संबंधी मानकों को भी पूरा करना होगा।
यह क्यों मायने रखता है
मरीजों और डॉक्टरों के लिए ये नतीजे संकेत देते हैं कि यह टूल भविष्य में जटिल निदानों की जांच में मदद कर सकता है। लेकिन इनसे यह साबित नहीं होता कि असल इलाज के दौरान यह सुरक्षित और सटीक ढंग से काम करता है। Microsoft ने अस्पतालों में परीक्षण की घोषणा की है, ऐसे उत्पाद की नहीं जिसे मरीज या डॉक्टर आज इस्तेमाल कर सकें। यह कब उपलब्ध होगा, अभी पता नहीं है।