MIT के शोधकर्ताओं ने Anthropic के Claude Opus 4.7 की प्रतियों को 30 घंटे तक एक वर्चुअल द्वीप पर अकेला छोड़ दिया। एजेंटों ने द्वीप की खोज की, ब्लॉकों को जोड़कर चित्र बनाए और बास्केटबॉल तथा “फर्श लावा है” जैसे खेलों से मिलती-जुलती गतिविधियां ईजाद कीं।
शोधकर्ताओं ने एक ऐसे शोधपत्र में बताया है, जिसकी अभी सहकर्मी समीक्षा नहीं हुई है, कि द्वीप का अनुभव हासिल कर चुके एजेंटों ने नए एजेंटों की तुलना में बाद के काम बेहतर ढंग से किए। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवहार नकल भी हो सकता है: एजेंटों को दिए गए प्रॉम्प्ट में उन्हें जिज्ञासु बताया गया था और उन्हें अक्सर गतिविधि जारी रखने के लिए थोड़ा उकसाना पड़ता था।
यह क्यों मायने रखता है
AI शोधकर्ताओं के लिए, ये नतीजे संकेत देते हैं कि बिना तय दिशा वाली खोज एजेंटों को कौशल सीखने में मदद कर सकती है। लेकिन इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि AI खेल का अनुभव करता है, और न ही यह स्पष्ट होता है कि यह तरीका इस सिमुलेशन से बाहर भी काम करेगा।