Sony ने स्टैंडर्ड PlayStation 5 के लिए AI-संचालित अपस्केलिंग तकनीक Quick Spectral Super Resolution (QSSR) पेश की है। कंपनी का कहना है कि Marvel’s Wolverine और Ghost of Yōtei इसे सपोर्ट करने वाले पहले गेम होंगे। इस तरह यह सुविधा कम शक्तिशाली PS5 मॉडल के साथ-साथ PS5 Pro पर भी उपलब्ध होगी।
इस घोषणा से स्टैंडर्ड PS5 गेम कम आंतरिक रेंडरिंग रिज़ॉल्यूशन पर चल सकेंगे और तस्वीर को उच्च रिज़ॉल्यूशन में रीक्रिएट किया जा सकेगा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि QSSR खिलाड़ियों के लिए कब आएगी, इसके लिए सिस्टम अपडेट की ज़रूरत होगी या नहीं, और दोनों नामित गेम लॉन्च के समय इसे सपोर्ट करेंगे या नहीं।
PSSR से QSSR कैसे अलग है
Sony ने सबसे पहले PlayStation Spectral Super Resolution (PSSR) को PS5 Pro के फीचर के तौर पर पेश किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, PSSR AI की मदद से हर फ़्रेम को पिक्सेल-दर-पिक्सेल जांचता है और उसे उच्च रिज़ॉल्यूशन में दोबारा तैयार करता है। कम रिज़ॉल्यूशन पर रेंडरिंग से गेम के लिए कंसोल पर पड़ने वाला काम घट सकता है, जबकि अपस्केलिंग का मकसद समय के साथ तस्वीर की बारीकियों और स्थिरता को बेहतर करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, PSSR की कंप्यूटिंग ज़रूरतों के कारण यह स्टैंडर्ड PS5 पर उपलब्ध नहीं था। QSSR को उस कंसोल के लिए Sony की अपस्केलिंग तकनीक का नया संस्करण बताया गया है, लेकिन रिपोर्ट में ऐसा कोई तकनीकी विवरण नहीं है जिससे पता चले कि यह PSSR से कैसे अलग है या तस्वीर की गुणवत्ता और प्रदर्शन में इससे क्या नतीजे मिलेंगे।
क्या अब भी साफ़ नहीं है
Sony की घोषणा में QSSR सपोर्ट करने वाले दो गेम के नाम हैं, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि PS5 के और कितने गेम इसे इस्तेमाल करेंगे। रिज़ॉल्यूशन, फ़्रेम रेट या विज़ुअल सुधार के आंकड़े भी नहीं दिए गए हैं। इसलिए घोषणा से नई अपस्केलिंग सुविधा और शुरुआती गेम सपोर्ट की पुष्टि होती है, हर स्टैंडर्ड PS5 मालिक के लिए किसी खास प्रदर्शन बढ़ोतरी की नहीं।
यह क्यों मायने रखता है
स्टैंडर्ड PS5 के मालिकों को कम से कम दो नामित गेम में AI अपस्केलिंग मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुविधा पहले सिर्फ PS5 Pro तक सीमित थी। हालांकि, घोषणा में इसके उपलब्ध होने का समय नहीं बताया गया है और न ही विज़ुअल या प्रदर्शन में होने वाले किसी सुधार के आंकड़े दिए गए हैं, इसलिए खिलाड़ियों के लिए इसका व्यावहारिक फ़र्क अभी साफ़ नहीं है।