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बीमाकर्ताओं का कहना है कि अस्पतालों की AI कोडिंग से लागत 942 मिलियन डॉलर बढ़ी

Blue Cross Blue Shield Association का कहना है कि बीमा दावों की तैयारी में अस्पतालों द्वारा AI टूल के इस्तेमाल का संबंध दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवा पर 942 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त खर्च से था। उसके विश्लेषण में जटिल बीमारियों वाले दर्ज किए गए मरीजों की संख्या बढ़ी, जबकि इलाज में इसके अनुरूप बदलाव का कोई सबूत नहीं मिला।

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बीमाकर्ताओं का कहना है कि अस्पतालों की AI कोडिंग से लागत 942 मिलियन डॉलर बढ़ी
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स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली Blue Cross Blue Shield Association (BCBSA) के विश्लेषण के मुताबिक, बीमा दावों की तैयारी में अस्पतालों द्वारा AI टूल के इस्तेमाल का संबंध दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवा पर अनुमानित 942 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त खर्च से था।

एसोसिएशन का कहना है कि उसने जटिल बीमारियों वाले दर्ज किए गए मरीजों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी पाई। लेकिन उसने इन मेडिकल कोड और मरीजों को मिले इलाज के बीच अंतर भी बताया और कहा कि “दिए गए इलाज में इसके अनुरूप बदलाव का कोई सबूत नहीं है।” ये आंकड़े इस विवाद की ओर इशारा करते हैं कि क्या अधिक विस्तृत या जटिल कोडिंग मरीजों की ज़रूरतों को दर्शाती है—या इससे बीमाकर्ताओं के भुगतान बढ़ रहे हैं।

यह इस मुद्दे पर बीमाकर्ताओं का पक्ष है। स्रोत रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि 942 मिलियन डॉलर का अनुमान कैसे निकाला गया, इसलिए दी गई जानकारी के आधार पर इसकी पद्धति का आकलन करना संभव नहीं है।

AI पुराने विवाद में नया मोर्चा खोल रहा है

अस्पतालों और बीमाकर्ताओं के बीच लंबे समय से इस बात पर बहस होती रही है कि किन इलाजों का खर्च बीमा में शामिल होना चाहिए और उनकी कीमत कितनी होनी चाहिए। The New York Times ने BCBSA के विश्लेषण को इस बात का नया संकेत बताया कि AI इन तनावों को बढ़ा सकता है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि दोनों पक्ष AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि इसमें यह नहीं बताया गया कि बीमाकर्ताओं के कौन-से टूल या कदम इस विवाद में योगदान दे रहे हैं।

हेल्थकेयर AI कंपनी Abridge के संस्थापक Dr. Shiv Rao ने आगाह किया कि इस तकनीक से “बॉट्स बॉट्स से लड़ सकते हैं, एजेंट एजेंटों से।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे तनाव कम हो सकता है और लागत घट सकती है। फर्क इस बात से पड़ सकता है कि इन टूल का इस्तेमाल कैसे किया जाता है: कागज़ी काम को स्वचालित करना मददगार हो सकता है, जबकि दावों को लेकर विवाद बढ़ाने वाले सिस्टम काम और खर्च बढ़ा सकते हैं।

BCBSA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Luke Chalker ने इसे लड़ाई बताने से इनकार करते हुए कहा कि बीमाकर्ता हारने वाले पक्ष में हैं। उनकी टिप्पणी एसोसिएशन का रुख दिखाती है; विश्लेषण से यह तय नहीं होता कि AI-आधारित कोडिंग खर्च में बढ़ोतरी की वजह है या उसका कितना हिस्सा उचित है।

यह क्यों मायने रखता है

मरीजों के लिए, दावों की लागत बढ़ने से आगे चलकर प्रीमियम या स्वास्थ्य सेवा के बिल बढ़ सकते हैं, हालांकि रिपोर्ट में व्यक्तिगत लागत पर किसी भी असर का अनुमान नहीं दिया गया है। मुख्य अनसुलझा सवाल यह है कि क्या AI इलाज का अधिक सटीक दस्तावेज़ीकरण करने में मदद कर रहा है या ऐसे कोडिंग को बढ़ावा दे रहा है जिससे इलाज बदले बिना भुगतान बढ़ जाता है।

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स्रोत और संदर्भ

#स्रोतप्रकाशकतारीखमुख्य बात
1Insurers claim AI is already increasing healthcare costs ↗TechCrunch26 सित॰ 2026Blue Cross Blue Shield says hospital use of AI tools led to an additional $942M in healthcare spending over a two-year period.

1 स्रोत

अंतिम अपडेट:

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